काजल क्या होता है?
काजल (जिसे कोहल भी कहते हैं) आंखों के लिए गहरे रंग की पेंसिल है, जिसे पलकों की जड़ों के पास और वॉटरलाइन (आंख के अंदर की निचली रेखा) पर लगाया जाता है। इससे आंखें बड़ी और साफ़ दिखती हैं।
आईलाइनर अलग चीज़ है: वह तरल या जेल होता है और ऊपरी पलक पर तीखी लाइन या विंग बनाने के लिए होता है। काजल नरम होता है और हल्का फैलाकर स्मोकी लुक भी बनाया जा सकता है।
रोज़ के लिए कौन सा काजल अच्छा है
रोज़ के लिए ऐसा काजल चुनिए जो वैक्स-बेस्ड हो (तेल वाला नहीं), एक ही स्ट्रोक में गहरा काला दे, और लगाते वक्त खींचे नहीं। तेल वाला काजल पलकों के तेल से जल्दी फैलता है; वैक्स वाला जमकर टिकता है।
हमारा Smudge-Proof Intense Kajal और Magic Stroke Kohl Kajal दोनों वैक्स-बेस्ड, गहरे काले और डर्मेटोलॉजिस्ट-टेस्टेड हैं।
संवेदनशील आंखों के लिए काजल कैसे चुनें
ऐसा काजल लीजिए जो डर्मेटोलॉजिस्ट-टेस्टेड हो और जिसमें अलग से खुशबू (फ्रेगरेंस) न मिलाई गई हो। आंखें बहुत संवेदनशील हों तो काजल वॉटरलाइन के अंदर लगाने की बजाय पलकों की जड़ों के ठीक ऊपर लगाइए।
कॉन्टैक्ट लेंस पहनती हैं तो पहले लेंस लगाइए, फिर काजल; और रात को काजल साफ़ करने से पहले लेंस निकाल लीजिए। जलन हो तो इस्तेमाल बंद कर दीजिए।
काजल को फैलने से कैसे रोकें
पलकें साफ़ और सूखी हों — मॉइस्चराइज़र या तेल न लगा हो। काजल लगाकर कुछ सेकंड आंखें खुली रखिए ताकि वह जम जाए। तैलीय पलकों पर काजल के ऊपर काले आईशैडो की हल्की परत थपथपा दीजिए, यह उसे वहीं रोक देती है।
निचली रेखा के नीचे थोड़ा सा ट्रांसलूसेंट पाउडर लगाने से भी काजल नीचे नहीं फैलता।